काव्य का स्वरूप | Kavya Ka Swarup
कवि की रचना को काव्य कहते हैं। कवि जीवन और जगत् की अनुभूति को शब्द और अर्थ के सामञ्जस्य का आधार लेकर अपनी प्रतिभा के बल पर रमणीय, रसात्मक और आह्लादकारी बनाकर प्रस्तुत करता है। उसकी पुनः सृष्टि करता है। उसकी यह अभिनव सृष्टि ही काव्य है। आज इस लेख में हम Kavya Ka Swarup का विस्तार से अध्ययन करेंगे ।