काव्य प्रयोजन | Kavya Prayojan | भारतीय काव्यशास्त्र | Bhartiya Kavyashastra

Kavya Prayojan

किसी भी कार्य को करने के पीछे उसके कर्त्ता का कोई न कोई उद्देश्य अवश्य होता है । इसी प्रकार काव्य की रचना करने के पीछे उसके सर्जक का या कवि का कोई न कोई उद्देश्य अवश्य होता है । यही उद्देश्य काव्य का प्रयोजन कहलाता है और इसी से प्रेरित होकर वह काव्य लिखता है। Bhartiya Kavyashastra के अंतर्गत आज हम Kavya Prayojan को विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे ।

काव्य हेतु | भारतीय काव्यशास्त्र | Kavya Hetu | Bhartiya Kavyashastra | Bharteeya Kavyashastra

Kavya Hetu

किसी भी वस्तु के निर्माण के लिए कुछ आवश्यक साधन ज़रूरी होते हैं, जिनके अभाव में उस वस्तु का सृजन संभव नहीं हो सकता। जिन साधनों या कारणों से वस्तु का निर्माण होता है, वस्तुतः ये साधन (हेतु) कहलाते हैं। काव्य या साहित्य की सर्जना के लिए कुछ आवश्यक कारण (हेतु) होते हैं । आज हम भारतीय काव्यशास्त्र के अंतर्गत Kavya Hetu को विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे ।

काव्य के लक्षण |भारतीय काव्यशास्त्र | Kavya ke Lakshan | Bhartiya Kavyashastra |Bharteeya Kavyashastra

Kavya ke Lakshan

संस्कृत काव्यशास्त्र में काव्य के लक्षण पर पर्याप्त विचार-विमर्श हुआ है, जिससे विभिन्न काव्य सम्प्रदायों का विकास हुआ और काव्य के प्रमुख तत्वों की चर्चा करते हुए काव्य का लक्षण निर्धारित करने का प्रयास किया गया। आज काम Kavya ke Lakshan को विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे ।

काव्य का स्वरूप | Kavya Ka Swarup

kavya ka swarup

कवि की रचना को काव्य कहते हैं। कवि जीवन और जगत् की अनुभूति को शब्द और अर्थ के सामञ्जस्य का आधार लेकर अपनी प्रतिभा के बल पर रमणीय, रसात्मक और आह्लादकारी बनाकर प्रस्तुत करता है। उसकी पुनः सृष्टि करता है। उसकी यह अभिनव सृष्टि ही काव्य है। आज इस लेख में हम Kavya Ka Swarup का विस्तार से अध्ययन करेंगे ।

अलंकार सम्प्रदाय |Alankar Sampraday | Alankar Siddhant | Bhartiya Kavya Shastra

Alankar Sampraday

   अलंकार काव्य का वह तत्व है जो उसे अलंकृत करता है । अर्थात् अलंकार काव्य को सुंदर बनाता है । सर्वप्रथम आचार्य भरत मुनि के ‘नाट्यशास्त्र’ में चार अलंकारों – उपमा, रूपक, दीपक और यमक का उल्लेख मिलता है ।  किन्तु अभी अलंकार-सिद्धान्त का जन्म नहीं हुआ था ।   संस्कृत काव्यशास्त्र में कालक्रम की … Read more

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