काव्य प्रयोजन | Kavya Prayojan | भारतीय काव्यशास्त्र | Bhartiya Kavyashastra

Kavya Prayojan

किसी भी कार्य को करने के पीछे उसके कर्त्ता का कोई न कोई उद्देश्य अवश्य होता है । इसी प्रकार काव्य की रचना करने के पीछे उसके सर्जक का या कवि का कोई न कोई उद्देश्य अवश्य होता है । यही उद्देश्य काव्य का प्रयोजन कहलाता है और इसी से प्रेरित होकर वह काव्य लिखता है। Bhartiya Kavyashastra के अंतर्गत आज हम Kavya Prayojan को विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे ।

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