डॉ. नामवर सिंह की आलोचना दृष्टि | Dr Namvar Singh Ki Alochana Drishti

Dr Namvar Singh Ki Alochana Drishti

डॉ. रामविलास शर्मा और डॉ. नामवर सिंह ने शुक्ल-द्विवेदी विवाद को दूसरी पीढ़ी तक ले जाने और उसे जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । दोनों ही प्रगतिवादी या मार्क्सवादी आलोचक हैं और दोनों की यह समान विशेषता है कि उन्होंने मार्क्सवाद को रूढ़ि के रूप में स्वीकार कारण के बजाए उदार प्रगतिशील चेतना को लेकर हिंदी आलोचना को एक नया आयाम दिया । आज के इस लेख में हम Dr Namvar Singh Ki Alochana Drishti को विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे ।

मुक्तिबोध की आलोचना दृष्टि | Muktibodh Ki Alochana Drishti

muktibodh ki alochana drishti

मुक्तिबोध, जिनका वास्तविक नाम गजानन माधव मुक्तिबोध था, एक प्रसिद्ध हिंदी कवि और आलोचक थे। उनकी आलोचना दृष्टि हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है, और उनके विचार आज भी प्रासंगिकहैं।  मुक्तिबोध की आलोचना दृष्टि मार्क्सवादी विचारों से प्रभावित थी। वे साहित्य को समाज के परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते थे। उनका मानना … Read more

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