वाक्य के भेद | वाक्य के प्रकार | Vakya ke Bhed | Vakya ke Prakar

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शब्दों का अपना अर्थ होता है, लेकिन इनको बिना किसी क्रम के अलग-अलग बोलने से वक्ता का पूरा अभिप्राय स्पष्ट नहीं हो पाता। जबकि शब्दों को निश्चित क्रम और स्वाभाविक गति से बोलने पर वक्ता का अभिप्राय स्पष्ट हो जाता है।   जैसे – नदी के किनारे-किनारे एक गाय जा रही थी। अतः हम कह सकते हैं- वाक्य पदों का वह व्यवस्थित समूह है जिसमें पूर्ण अर्थ देने की क्षमता अथवा सामर्थ्य होता है।   वाक्य के अंग (Parts of Sentence)  वाक्य के दो अंग होते हैं- (1) उद्देश्य (Subject)   (2) विधेय (Predicate) एक छोटा-सा वाक्य लें – राहुल आया। इसके दो अंग हैं- 1. राहुल  2. आया।   यहाँ राहुल के बारे में बात की गई है अतः ‘राहुल’ वाक्य का उद्देश्य(Subject) है। राहुल के बारे में कहा गया है कि वह ‘आया’। यहाँ ‘आया’ विधेय (Predicate)  है। उद्देश्य (Subject) वाक्य में जिसके बारे में कुछ कहा जाए, उसे उद्देश्य (Subject) … Read more

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