फैन्टेसी क्या है | Fantasy Kya Hai

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Fantasy Kya Hai

आधुनिक काव्य-चिन्तन में कल्पना के साथ ‘फैन्टेसी’ की चर्चा भी बराबर होती है। इसका कारण यह है कि ‘फैन्टेसी’ भी एक प्रकार की कल्पना ही है। प्लेटो ने कल्पना के लिए ‘फैन्टेसिया’ शब्द प्रयोग किया था जिसका आधार ‘असत्य’ या ‘मिथ्या’ होता है।  अतः ‘फैन्टेसी’  शब्द का निर्माण यूनानी शब्द ‘फैन्टेसिया’ से हुआ है जिसका अर्थ है “मनुष्य की वह क्षमता जो सम्भाव्य संसार की सर्जना करती है।” मानविकी कोश में फैन्टेसी को स्वप्न चित्र मूलक साहित्य कहा गया है जिसमें असम्भाव्य सम्भावनाओं को प्राथमिकता दी जाती है। फैन्टेसी कल्पना पर आधारित होती है जिसे दिवास्वप्नात्मक (daydreaming) अथवा दुःस्वप्नात्मक (nightmare) मानसिक बिम्ब (image) कहा जा सकता है। यह एक प्रकार की साहित्यिक तकनीक है जिसका सम्बन्ध मनुष्य के स्वप्न और अवचेतन (subconscious mind) में घटित होने वाली घटनाओं की ऐसी बिम्बावलियों (images) से है जो विघटित एवं बेतरतीब होती हैं। फैन्टेसी का प्रयोजन फैन्टेसी के तीन प्रयोजन (purpose) हैं-  1. … Read more

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