बिम्ब क्या है | Bimb Kya Hai
ये बिम्ब एक प्रकार से संचित अनुभूतियों के रूप में हमारे अवचेतन मन (subconscious mind) में सदा विद्यमान रहते हैं और समय-समय पर स्मृति एवं कल्पना की सहायता से पुनः हमारे चेतन स्तर पर उदित होकर हमें भाँति-भाँति के बोध प्रदान करते हैं। कवि या कलाकार इन्हीं बिम्बों को अपनी रचना में प्रस्तुत करता है, जिन्हें ग्रहण करते हुए पाठक या दर्शक सामाजिक विषय का बोध प्राप्त करते हैं। दूसरे शब्दों में बिम्ब ऐंद्रिय अनुभूति (पाँच ज्ञानेंद्रिओं अर्थात् – आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा के माध्यम से ग्रहण की गई अनुभूति) का प्रतिबिंब है, जो कि मन में अंकित हो जाता है। बिम्ब की परिभाषा साहित्यिक दृष्टि से बिम्ब की अनेक परिभाषाएँ की गयी है। सी० डी०लेविस महोदय ने बिम्ब के स्वरूप का सांगोपांग विवेचन करते हुए कहा है—“काव्यात्मक विम्ब शब्दों के माध्यम से निर्मित एक ऐसा चित्र है, जिसका किसी न किसी प्रकार केऐन्द्रिक गुण से सम्पर्क हो।” … Read more