मैला आँचल की आँचलिकता | Maila Anchal Ki Anchalikta
फणीश्वरनाथ रेणु जन्म 4 मार्च, 1921 को औराही हिंगना नामक गाँव, जिला पूर्णिया (बिहार) में हुआ था । आपका देहावसान 11 अप्रैल, 1977 को हुआ । फणीश्वरनाथ रेणु की प्रमुख कृतियाँ संस्मरण : ऋणजल धनजल, वन तुलसी की गन्ध, समय की शिला पर, श्रुत-अश्रुत पूर्व रिपोतार्ज : नेपाली क्रान्ति-कथा (रिपोर्ताज़); रेणु रचनावली (समग्र) मैला आँचल के प्रथम संस्करण की भूमिका 9 अगस्त, 1954 को मैला आँचल के प्रथम संस्करण की भूमिका के रूप में फणीश्वरनाथ रेणु जी ने लिखा है : “यह है मैला आँचल, एक आँचलिक उपन्यास। कथानक है पूर्णिया। पूर्णिया बिहार राज्य का एक जिला है; इसके एक ओर है नेपाल, दूसरी ओर पाकिस्तान और पश्चिम बंगाल । विभिन्न सीमा रेखाओं से इसकी बनावट मुकम्मल हो जाती है, जब हम दक्खिन में सन्थाल परगना और पच्छिम में मिथिला की सीमा रेखाएँ खींच देते हैं। मैंने इसके एक हिस्से के एक ही गाँव को पिछड़े गाँवों का प्रतीक मानकर-इस … Read more