नीतिकाव्य | Niti Kavya | नीति काव्य किसे कहते हैं | Niti Kavya Kise Kahte Hain
नीतिकाव्य जीवन-व्यवहार को सुगम बनाने का आधार है। नीतिकाव्य सृजित करने में व्यावहारिक अनुभवों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। व्यक्ति इन अनुभवों को स्वयं के क्रिया-कलापों से तथा दूसरों के द्वारा अर्जित एवं कहे गए मन्तव्यों से ही अर्जित करता है। स्वयं द्वारा अर्जित अनुभवों से यद्यपि व्यक्ति आत्मनिर्भर और संघर्षशील बनता है, तथापि दूसरों के अनुभव उसे सहजतापूर्वक जीवन को समझने मेंसहायक होते हैं। यह अनुभव यदि काव्य के रूप में होते हैं, तो वे मुहावरों जैसे हो उठते हैं। अधिकांश नीतिकथनपरक उक्तियों में जो सुग्राह्यता औरसरसता है, वह उन्हें मुहावरों की कोटि में ले जाने वाली है। हजारों वर्षों से नीतिपरक उक्तियाँ मनुष्य को जीवन के अँधेरों में प्रकाश की किरण बनकर उसे मार्ग दिखाती रही हैं, जीवन जीने का तरीका सिखाती रहीहैं। इस स्तर पर नीति काव्य शिक्षा के उद्देश्य को पूर्ण करने वाला बन जाता है। नीतिकाव्य जीवन सुधार का लक्ष्य लेकर चलता है।नीति काव्य … Read more