अस्तित्ववाद क्या है | Astitvavad kya hai
अस्तित्ववाद मूल रूप से दर्शन के क्षेत्र का शब्द है । यह अंग्रेजी के एक्जिस्टेंशियलिज़्म (Existentialism) का हिंदी पर्याय हैअस्तित्ववाद का उन्मेष प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी में हुआ। तदुपरांत उसने फ्रांस और इटली होते हुए एशिया के देशों में भी अपना प्रभाव डाला। इस सिद्धान्त ने साहित्य सृजन तथा आलोचना सिद्धान्त को गहराई से प्रभावित किया है । वर्तमान विश्व चिंताधारा निर्वैक्तिक विघटनकारी प्रवृत्तियों की ओर अधिक झुकी हुई है। व्यक्ति के विकास एवं निर्माण को समाज विभिन्न वर्जनाओं और निषेधों से अवरुद्ध करता है।धर्म और समाज की इन निषेधात्मक प्रवृत्तियों के विरोध में 19 वीं सदी में कुछ विद्वानों ने मनुष्य को उसके प्रकृत रूप में स्थापित एवं विकसित होने देने के लिए आवाज उठाई। उन्होंने एक ऐसा दार्शनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जो उन तमाम परंपरागत मतवादों का विरोध करता था जो मानवीय सत्ता (Human Existence) की उपेक्षा करके मात्र विचारों तथा नैतिक मूल्य एवं मान्यताओं की … Read more